Friday , October 30 2020

ਕਾਮੱਖਿਆ ਮੰਦਿਰ  ਦੇ ਬਾਰੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਰਹੱਸ ਜਾਨਕੇ ਉੱਡ ਜਾਣਗੇ ਤੁਹਾਡੇ ਹੋਸ (Video)

ਕਾਮੱਖਿਆ ਮੰਦਿਰ  ਦੇ ਬਾਰੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਰਹੱਸ ਜਾਨਕੇ ਉੱਡ ਜਾਣਗੇ ਤੁਹਾਡੇ ਹੋਸ !

कामख्या मंदिर के बारे मे ये रहस्य जानकर दंग रह जाएंगे आप..!
कामाख्या मंदिर यहां होती है योनि की पूजा कामाख्या मंदिर आसाम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर दूर नीलांचल पहाड़ी पर स्थित है या मंदिर देवी कामाख्या को समर्पित है 52 शक्तिपीठों में से एक है |कामाख्या शक्तिपीठ तथा यह सबसे पुराना शक्तिपीठ की है ऐसा कहा जाता है कि जब सती के पिता दक्ष ने अपनी पुत्री सती और उसके पति शंकर को यज्ञ में अपमानित किया और शिव जी को अपशब्द कहे तो सती ने दुखी होकर आज मन कर लिया शंकर नहीं सत्य की मित्र देव को उठाकर सहायक नियुक्ति किया सब सती के शरीर के 51 हिस्से अलग-अलग जगह पर करें जो की 51 शक्ति पीठ कहलाए कहां जाता है|

सती का यूनिफॉर्म कामाख्या में गिरा उसी स्थल पर कामाख्या मंदिर का निर्माण किया गया इस मंदिर के गर्भ ग्रह में योनि के आकार का एक कुंड है जिसमें से जल निकलता रहता है| यही पर कपड़े नामक मेले का आयोजन किया जाता है जाता है आगे पीछे हो रहे हैं कामाख्या के शोधार्थी एवं प्राचीन विद्या विशेषज्ञ डॉक्टर दिवाकर शर्मा कहते हैं कि कामाख्या के बारे में क्यों बनती है कि घमंड में चूर असुरराज नरकासुर एक दिन मां भगवती कामाख्या को अपनी पत्नी के रुप में पाने का साहस कर चुका था कामाख्या महा माई के नरकासुर की मृत्यु को निकट मानकर उसे कहा कि यदि तुम इसी रात नील पर्वत पर चारों तरफ पत्थरों से 405 शब्दों का निर्माण कर दो एवं कामाख्या मंदिर के साथ एक विश्रामगृह बनवा दो तो मैं तुम्हारी इच्छा अनुसार पत्नी बन जाऊंगी| ਤੁਸੀਂ ਪੜ ਰਹੇ ਹੋਂ Desi News ਦਾ ਆਰਟੀਕਲ , ਜੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਰਟੀਕਲ ਚੰਗਾ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਸ਼ੇਅਰ ਜਰੂਰ ਕਰਨਾ ।

और यदि तुम ऐसा ना कर पाए तो तुम्हारी मौत निश्चित है |घर में तू रसूल में पंचो के चारों संपन्न प्रभात होने से पूर्व ही पूरे कर दिए थे दक्ष का निर्माण कर ही रहा था कि मामा के एक मायावी मुर्गे द्वारा रात्रि समाप्ति की सूचना दी गई जिससे नरकासुर ने क्रोधित होकर मुर्गे का पीछा किया और ब्रह्मपुत्र के दूसरे छोर पर जाकर उसका वध कर डाला था ना नाम से विख्यात है बाद में मां भगवती की माया से भगवान विष्णु ने नरकासुर का वध कर दिया कामाख्या देवी के नाम और भी मंदिर है|कामाख्या मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं के बारे में मशहूर है। यह मंदिर असम की राजधानी दिसपुर से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह शक्ति की देवी सती का मंदिर है। इस मंदिर का तांत्रिक महत्व है। यहां पर लोग पूजा करने तो जाते हैं लेकिन ऐसी बहुत सारी बातें हैं जिनके बारे में लोगों को अभी तक पता नहीं है।

ਤੁਸੀਂ ਪੜ ਰਹੇ ਹੋਂ Desi News ਦਾ ਆਰਟੀਕਲ , ਜੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਰਟੀਕਲ ਚੰਗਾ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਸ਼ੇਅਰ ਜਰਰ ਕਰਨਾ ।

जानिए, इस अनूठे कामाख्या मंदिर के बारे मेंः

1. असम के शहर गुवाहाटी के पास सती का ये मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि इस मंदिर में देवी सती या दुर्गा की एक भी मूर्ति देखने को नहीं मिलेगी।
ਤੁਸੀਂ ਪੜ ਰਹੇ ਹੋਂ Desi News ਦਾ ਆਰਟੀਕਲ , ਜੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਆਰਟੀਕਲ ਚੰਗਾ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਸ਼ੇਅਰ ਜਰੂਰ ਕਰਨਾ ।

2. देवी सती ने अपने पिता के खिलाफ जाकर भगवान शिव से शादी की थी, जिसके कारण सती के पिता दक्ष उनसे नाराज थे। एक बार राजा दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन करवाया लेकिन अपनी बेटी और दामाद को निमत्रंण नहीं भेजा। सती इस बात से नाराज तो हुईं, लेकिन फ़िर भी वह बिना बुलाए अपने पिता के घर जा पहुंची, जहां उनके पिता ने उनका और उनके पति का अपमान किया। इस बात से नाराज़ हो कर वो हवन कुंड में कूद गईं और आत्महत्या कर ली। जब इस बात का पता भगवान शिव को चला तो वो सती के जले शरीर को अपने हाथों में लेकर तांडव करने लगे, जिससे इस ब्रह्मांड का विनाश होना तय हो गया लेकिन विष्णु भगवान ने सुदर्शन चक्र से सती के जले शरीर को काट कर शिव से अलग कर दिया। कटे शरीर के हिस्से जहां-जहां गिरे वो आज शक्ति पीठ के रूप में जाने जाते हैं।

देखें विडियो –

Video source and copyright :-   history of the world in hindi