Tuesday , October 20 2020

ਇਹ ਹੈ ਕਲਜੁਗ 30 ਫੋਟੋਆਂ ਚ ਦੇਖੋ ਅੱਜ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀ ਅਸਲ ਸੱਚਾਈ…

ਕਲਜੁਗ 30 ਫੋਟੋਆਂ ਚ ਦੇਖੋ ਅੱਜ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀ ਅਸਲ ਸੱਚਾਈ…

न जाने कितने ही Photographers ने अपनी जान पर खेलकर, दिल को दहला देने वाली तस्वीरें हम तक पहुंचाई हैं. दुनिया में हो रही कई घटनाओं को हम आंखों से देखते ही नहीं, पर महसूस भी कर पाते हैं, तो कैमरे के पीछे छिपे हीरोज़ की बदौलत.

ये तस्वीरें ही हैं, जो नज़र और नज़रिये को बदल देते हैं. विश्व की कुछ ऐसी ही तस्वीरें, जो आपके दिल में कुछ आंसू और दिमाग़ में कई सवाल छोड़ जाएंगे.

1.सीरिया का केमिकल अटैक

किसी ने कहा था, Child is The Father of Man. सीरिया का केमिकल अटैक तो कुछ और ही कहानी कहता है.4 अप्रैल, 2017 को सीरिया के खान शाएख़ुन में रसायनिक हमला किया गया था, जिसमें 80 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे.

2. इंसान जब इंसान को नहीं छोड़ते, तो जानवर क्या चीज़ है?

तस्वीर लेने से कुछ ही घंटे पहले, इस Black Rhino Bull को उसके सींग के लिए बेरहमी से मार डाला गया था. South Africa की ये तस्वीर, कई और देशों की भी हक़ीकत है. भारत में भी कई जानवरों को उनके सींग, खाल आदि के लिए मार दिया जाता है.

3. पानी की कीमत कहीं-कहीं तो जान से भी ज़्यादा है

कहीं पर पानी की बर्बादी देखने लायक होती है, तो कहीं पर पानी के लिए होने वाली जद्दो-जहद. विश्व जल दिवस भी मना तो लेते हैं, स्टेटस अपडेट भी कर देते हैं पर नल बंद करने में आलस दिखाते हैं.

4. मजबूरी में इंसान को क्या कुछ नहीं करना पड़ता

पानी कहीं भी मिले घर के लिए भरना है. इसीलिये तो रेल की पटरी पर जमा गंदगी से भरपूर पानी भी भरने को मजबूर है ये स्त्री. ऐसी तस्वीरों की तरफ़ किसी आला-अधिकारी का ध्यान नहीं जाता, किसी ने कौन सी टी-शर्ट पहन रखी है, ये दिख जाता है.

5. वो ज़िन्दगी की भीख मांगता रहा, पर फिर भी मार दिया गया

पिछले महीने झारखंड में हुए नर-संहार की तस्वीर इस बात का सुबूत है कि इंसानियत ख़त्म होने के कारण है. इतनी भयावह घटना के बाद भी लोग यही देख रहे थे कि कितने हिन्दू मरे और कितने मुसलमान.

6. एक वक़्त ऐसा आयेगा जब धरती पर इंसान ही नहीं बचेंगे

इंसानों के आपसी झगड़ों के कारण एक दिन ऐसा आयेगा जब धरती पर इंसान ही नहीं बचेंगे.

7. शिक्षा और किताबों को त्यागकर छात्राओं ने भी उठा लिए हैं शस्त्र

ये कश्मीर की तस्वीर है. Uniform में ये लड़कियां कई प्रश्न करती हैं, ऐसा क्या हो गया है कि पर्दे के पीछे रखी जाने वाली लड़कियों ने भी सड़कों का रुख कर लिया है.

8. न जाने कितने ही युवा पत्थरबाज़ बनते जा रहे हैं

उनको पाकिस्तानी कहकर चुप करवा देने से मसला हल नहीं होने वाला है. अगर ऐसा होता, तो ये समस्या कब की हल हो गई होती.

9. कत्लेआम के सिपाही

इस बच्चे को शायद पता ही नहीं है कि इसके हाथ में मौत का सामान है. मौत के सौदागरों से आज हैवान भी शर्मिंदा होगा.

10. आईएसआईएस ने बेरहमी से कईयों की हत्या की है

इन बदनसीबों से शायद उनकी आख़िरी इच्छा भी नहीं पूछी जाती. ऐसी दुनिया में पैदा होना अभिशाप बनता जा रहा है.

11. जानवरों से बद्तर हो गए हैं हम

जैसे कीट-पतंगों को एक साथ मौत के घाट उतार दिया जाता है, वैसे ही न जाने कितने लोगों को मार दिया जाता है.

12. बच्चों को भी अपना हक़ मांगना पड़ रहा है

Trump के स्त्री विरोधी भाषणों के बाद, पूरे विश्व में Women March निकाले गए. बच्चों से लेकर पुरुषों ने भी इसमें हिस्सा लिया था.

13. नॉर्थ कोरिया के हालात बहुत ‘Funny’ हैं

सीरिया में तो आतंकवादियों ने आतंक मचा रखा है पर नॉर्थ कोरिया में तो वहीं के शासक ने अपने ही लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. यहां प्रेम का उत्तर भी गोली से दिया जाता है.

14. एक आख़िरी बार फ़ुर्सत के लम्हें गुज़ार लो

सीरिया की बमबारी में इस बुज़ुर्ग का घर बर्बाद हो गया था. जब कुछ बचा ही नहीं, तो शायद ये भी अपने बेडरूम में आख़िरी बार सुकून के कुछ पल बिताना चाह रहे हैं.

15. पुलिसवाले ने ही कर दी रूसी Ambassador की हत्या

इस पुलिसवाले ने पुतिन का गुस्सा रूसी Ambassador पर निकाला. पुतिन ने एलेप्पो में बमबारी करवाई थी.

16. बर्बादी में भी धनक दिखता है

यहां बमबारी में भी इंद्रधनुष दिख रहा है. जब कुदरत हम में फ़र्क नहीं करती, तो हम इंसानों में इतना फ़र्क क्यों करते हैं.

17. ख़ुद को सज़ा देने के लिए भी हिम्मत चाहिए

ये व्यक्ति चर्च के सामने ख़ुद को अपने ही गुनाहों की सज़ा दे रहा है. ख़ुद को दर्द देने के लिए भी हिम्मत चाहिए.

18. सब बिखरने के बाद घर लौटे हैं

सीरिया के हालात ठीक न होने के कारण बहुत से लोगों ने अपने घर छोड़ दिए थे. ये परिवार लौटा भी तो सिर्फ़ बर्बादी का मंज़र देखने के लिए.

19. सफ़ेद झंडा शायद किसी काम आए

आतंकवादियों से बचने के लिए ये आदमी सफ़ेद झंडा लेकर आगे बढ़ रहा है. पता नहीं, इसकी जान बख़्शी गई होगी या नहीं. सीरिया से ऐसी तस्वीरें दर्द ही देती हैं.

20. कुछ पलों के लिए ही सही पर आज़ाद होकर, खुली हवा में सांस तो ले सकें ये लोग

21. Pellets से बचने की कोशिश

Pellet Gun से बचने के लिए इस बच्चे ने लकड़ी का सहारा लिया है. कश्मीर में Pellets ने कई मासूमों की ज़िन्दगी तबाह कर दी है.

22. पत्थरबाज़ों से बचने के लिये, भारतीय सेना का ढाल बना युवक

कश्मीर के हालात जगजाहिर हैं और वहां पत्थरबाज़ी बहुत आम है.

23. यमुना नदी में पानी नहीं तो बालू से ही स्नान कर जताया विरोध

यमुना नदी की अनदेखी से परेशान प्रदर्शनकारियों ने यमुना के बालु से ही स्नान कर लिया. कुछ प्रदर्शकारियों ने तो सूखी नदी में ही तैरने की कोशिश की.

24. तमिलनाडु के किसान कई महीनों से दिल्ली में कर रहे हैं प्रदर्शन

तमिलनाडु के किसान कई तरीकों से प्रदर्शन कर रहे हैं. अब तक उनकी फ़रियाद नहीं सुनी गई है. अपना पेशाब पीने से लेकर कपड़े उतार कर भी कर चुके हैं प्रदर्शन.

25. गरीबी का आलम देखिए, अपनी पत्नी की लाश को कंधे पर उठाने पर मजबूर हो गया ये आदमी

पैसे न होने के कारण, इस इंसान को अपनी पत्नी की लाश को कंधे पर ढोकर ही शमशान घाट तक पहुंचाया गया. इंसानियत को शर्मसार करने वाली ये घटना ओडिशा की है.

26. अस्पताल ने नहीं दी लाश ले जाने के लिए गाड़ी

अपनी मरहूम पत्नी को ले जाने के लिए इस बेबस के पास कोई चारा नहीं बचा, तो मोटरसाईकल पर ही रख ली लाश. ये घटना बिहार के पूर्णिया की है.

27. ये है जज़्बा ज़िन्दगी का

लंडन ब्रिज पर आईएसआईएस ने हमला करवाया. पर बियर की ग्लास हाथ में पकड़ कर अपनी जान के लिए भागता ये व्यक्ति लंदन की ज़िंदादिली का सुबूत बन गया.

28. आंधी हो या तूफ़ान, इन जनाब को बागबानी करने से कोई नहीं रोक सकता

बेफ़िक्री सीखना हो, तो इनसे सीखे. पीछे इतना भयंकर तूफ़ान है, पर इन्हें अपने लॉन की काट-छांट से फ़ुर्सत नहीं.

29. कभी खेल-कूद में बीतता था पूरा वक़्त

सीरिया में चल रहे युद्ध ने कई बच्चों से उनका बचपन छीन लिया है. ये दोनों शायद अपने बीते कल को याद कर रहे हैं.

30. इंसानियत अभी बाकी है