ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ…. ਦੇਖੋ

ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ…. ਦੇਖੋ

बलात्कार के मामले मे जेल मे कैद बाबा राम रहीम को लेकर अब तक सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। डेरे मे जन्म व्यक्ति ने बताया कि बाबा राम रहीम उर्फ गुरमीत शुरू से ही अश्लील फिल्मे देखने का शौकीन था। हनीप्रीत ने बाबा की इतनी छवि बिगाड़ दी कि वह बर्बाद हो गया।

आजतक न्यूज चैनल से बात करते हुये डेरे मे जन्मे और बड़े हुये गुरदास सिंह ने बताया कि बाबा को शुरू से ही अश्लील फिल्मंे देखने का शौक था उन्हांेने बताया कि प्रेम नामक महिला बाबा को लड़की सप्लाई करती थी। बाबा की यह इच्छा जब बलवती होने लगी, तो डेरे मे लड़कियो का स्कूल खोला गया।

उस समय तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम जी ने गुरमीत सिंह को कहा था कि डेरे के अंदर कभी किसी को साथ भी मत रखना. डेरे के अंदर अपना परिवार मत रखना. डेरे को कभी ट्रस्ट में तब्दील मत करना और डेरे में कारोबारी गतिविधियां न करना नहीं तो यह डेरा बर्बाद हो जाएगा.

गुरदास ने बताया कि सबसे पहले प्रेम नाम की एक महिला गुरमीत सिंह को लड़कियां सप्लाई किया करती थी. उसके बाद गुरमीत की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसकी गुफा से जुड़ता हुआ लड़कियों का स्कूल खोला गया. बाद में हॉस्टल खोला गया. 11वीं और 12वीं क्लास की जिन लड़कियों पर गुरमीत की नजर पड़ जाती थी, प्रेम नामक महिला उन लड़कियों से जुड़ी हर जानकारी गुरमीत को बता देती थी.

फिर इन लड़कियों को माफी के नाम पर या सिमरन करने के नाम पर एक विशेष कमरे में ले जाया जाता था. जिस कमरे में माइक्रोफोन लगा होता था. गुफा में बैठा गुरमीत यह सारी बातें स्पीकर के जरिए सुनता रहता था. कमरे में सजावट इस तरह से की गई थी कि कमरा एक तरीके से स्वर्ग में बदल जाता था.कमरे में चारों तरफ मल्टीकलर की लाइटिंग होती थी. अंधेरा हो जाता था और जब सिमरन करने लग जाती और पिताजी-पिताजी कह कर पुकारने लगती. तब गुरमीत सिंह एक लिफ्ट के जरिए अचानक कमरे में प्रकट होता था और लड़की को बोलता कि गुरमीत तो अपने गुफा में है और वो खुद तो देव लोक से आया है. फिर वह उस लड़की को बहला फुसला कर उसके साथ दुष्कर्म करता था

गुरदास ने हनीप्रीत के बारे में बताया कि जब हनीप्रीत डेरे में आई तो उस वक्त उसका पूरा परिवार डेरे में ही रहता था. उसके दादाजी डेरे के खजांची थे. उसी दौर में गुरमीत सिंह की नजर हनीप्रीत पर पड़ी. फिर उसने 14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे के दिन विश्वास गुप्ता के साथ उसकी शादी करवा दी. गुफा के अंदर पूरे परिवार को बुलाया गया.

बाद में गुरमीत ने सबसे कहा कि उसे हनीप्रीत को कुछ समझाना है. सबको बाहर भेज दिया गया. हनीप्रीत को वहीं रोक लिया. गुरदास के मुताबिक उस समय वह गुफा के गेट पर खड़ा था. उसने अपने भाई को बताया कि आज बाबा हनीप्रीत के साथ गलत काम करेगा और वही हुआ. हनीप्रीत ने यह बात अपने दादा को बताई.

हनीप्रीत के दादा ने उस समय वहां पर काफी हो हल्ला किया. इस पर गुरमीत के लोगों ने न सिर्फ हनीप्रीत के दादा की पिटाई की बल्कि उनके सिर पर बंदूक लगाकर कहा कि चुप रहो वरना मार दिए जाओगे. इसके बाद हनीप्रीत के दादा ने यह बात हनीप्रीत को बताई. हनीप्रीत ने कहा कि वह डेरे में नहीं रहेगी. और फिर वह विश्वास गुप्ता को लेकर फतेहाबाद की तरफ रवाना हो गई.

गुरमीत को जैसे ही यह बात पता चली. उसने अपने खास गुंडे हनीप्रीत के पीछे लगा दिए. उन गुंडों ने फतेहाबाद से पहले एक ढाबे पर रोककर हनीप्रीत के सिर पर बंदूक रखकर उससे कहा कि तुम्हारे पूरे परिवार को मार दिया जाएगा. चुपचाप डेरे में वापस चलो और हनीप्रीत वहां वापस आ गई. लेकिन हनीप्रीत ने कुछ समय बाद अपने दादा को बताया कि वह इस डेरे को बर्बाद करके ही आखरी सांस लेगी

ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ…. ਦੇਖੋ

ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ…. ਦੇਖੋ

बलात्कार के मामले मे जेल मे कैद बाबा राम रहीम को लेकर अब तक सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। डेरे मे जन्म व्यक्ति ने बताया कि बाबा राम रहीम उर्फ गुरमीत शुरू से ही अश्लील फिल्मे देखने का शौकीन था। हनीप्रीत ने बाबा की इतनी छवि बिगाड़ दी कि वह बर्बाद हो गया।

आजतक न्यूज चैनल से बात करते हुये डेरे मे जन्मे और बड़े हुये गुरदास सिंह ने बताया कि बाबा को शुरू से ही अश्लील फिल्मंे देखने का शौक था उन्हांेने बताया कि प्रेम नामक महिला बाबा को लड़की सप्लाई करती थी। बाबा की यह इच्छा जब बलवती होने लगी, तो डेरे मे लड़कियो का स्कूल खोला गया।

उस समय तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम जी ने गुरमीत सिंह को कहा था कि डेरे के अंदर कभी किसी को साथ भी मत रखना. डेरे के अंदर अपना परिवार मत रखना. डेरे को कभी ट्रस्ट में तब्दील मत करना और डेरे में कारोबारी गतिविधियां न करना नहीं तो यह डेरा बर्बाद हो जाएगा.

गुरदास ने बताया कि सबसे पहले प्रेम नाम की एक महिला गुरमीत सिंह को लड़कियां सप्लाई किया करती थी. उसके बाद गुरमीत की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसकी गुफा से जुड़ता हुआ लड़कियों का स्कूल खोला गया. बाद में हॉस्टल खोला गया. 11वीं और 12वीं क्लास की जिन लड़कियों पर गुरमीत की नजर पड़ जाती थी, प्रेम नामक महिला उन लड़कियों से जुड़ी हर जानकारी गुरमीत को बता देती थी.

फिर इन लड़कियों को माफी के नाम पर या सिमरन करने के नाम पर एक विशेष कमरे में ले जाया जाता था. जिस कमरे में माइक्रोफोन लगा होता था. गुफा में बैठा गुरमीत यह सारी बातें स्पीकर के जरिए सुनता रहता था. कमरे में सजावट इस तरह से की गई थी कि कमरा एक तरीके से स्वर्ग में बदल जाता था.कमरे में चारों तरफ मल्टीकलर की लाइटिंग होती थी. अंधेरा हो जाता था और जब सिमरन करने लग जाती और पिताजी-पिताजी कह कर पुकारने लगती. तब गुरमीत सिंह एक लिफ्ट के जरिए अचानक कमरे में प्रकट होता था और लड़की को बोलता कि गुरमीत तो अपने गुफा में है और वो खुद तो देव लोक से आया है. फिर वह उस लड़की को बहला फुसला कर उसके साथ दुष्कर्म करता था

गुरदास ने हनीप्रीत के बारे में बताया कि जब हनीप्रीत डेरे में आई तो उस वक्त उसका पूरा परिवार डेरे में ही रहता था. उसके दादाजी डेरे के खजांची थे. उसी दौर में गुरमीत सिंह की नजर हनीप्रीत पर पड़ी. फिर उसने 14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे के दिन विश्वास गुप्ता के साथ उसकी शादी करवा दी. गुफा के अंदर पूरे परिवार को बुलाया गया.

बाद में गुरमीत ने सबसे कहा कि उसे हनीप्रीत को कुछ समझाना है. सबको बाहर भेज दिया गया. हनीप्रीत को वहीं रोक लिया. गुरदास के मुताबिक उस समय वह गुफा के गेट पर खड़ा था. उसने अपने भाई को बताया कि आज बाबा हनीप्रीत के साथ गलत काम करेगा और वही हुआ. हनीप्रीत ने यह बात अपने दादा को बताई.

हनीप्रीत के दादा ने उस समय वहां पर काफी हो हल्ला किया. इस पर गुरमीत के लोगों ने न सिर्फ हनीप्रीत के दादा की पिटाई की बल्कि उनके सिर पर बंदूक लगाकर कहा कि चुप रहो वरना मार दिए जाओगे. इसके बाद हनीप्रीत के दादा ने यह बात हनीप्रीत को बताई. हनीप्रीत ने कहा कि वह डेरे में नहीं रहेगी. और फिर वह विश्वास गुप्ता को लेकर फतेहाबाद की तरफ रवाना हो गई.

गुरमीत को जैसे ही यह बात पता चली. उसने अपने खास गुंडे हनीप्रीत के पीछे लगा दिए. उन गुंडों ने फतेहाबाद से पहले एक ढाबे पर रोककर हनीप्रीत के सिर पर बंदूक रखकर उससे कहा कि तुम्हारे पूरे परिवार को मार दिया जाएगा. चुपचाप डेरे में वापस चलो और हनीप्रीत वहां वापस आ गई. लेकिन हनीप्रीत ने कुछ समय बाद अपने दादा को बताया कि वह इस डेरे को बर्बाद करके ही आखरी सांस लेगी

ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ…. ਦੇਖੋ

ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡਾ ਖੁਲਾਸਾ…. ਦੇਖੋ

बलात्कार के मामले मे जेल मे कैद बाबा राम रहीम को लेकर अब तक सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। डेरे मे जन्म व्यक्ति ने बताया कि बाबा राम रहीम उर्फ गुरमीत शुरू से ही अश्लील फिल्मे देखने का शौकीन था। हनीप्रीत ने बाबा की इतनी छवि बिगाड़ दी कि वह बर्बाद हो गया।

आजतक न्यूज चैनल से बात करते हुये डेरे मे जन्मे और बड़े हुये गुरदास सिंह ने बताया कि बाबा को शुरू से ही अश्लील फिल्मंे देखने का शौक था उन्हांेने बताया कि प्रेम नामक महिला बाबा को लड़की सप्लाई करती थी। बाबा की यह इच्छा जब बलवती होने लगी, तो डेरे मे लड़कियो का स्कूल खोला गया।

उस समय तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम जी ने गुरमीत सिंह को कहा था कि डेरे के अंदर कभी किसी को साथ भी मत रखना. डेरे के अंदर अपना परिवार मत रखना. डेरे को कभी ट्रस्ट में तब्दील मत करना और डेरे में कारोबारी गतिविधियां न करना नहीं तो यह डेरा बर्बाद हो जाएगा.

गुरदास ने बताया कि सबसे पहले प्रेम नाम की एक महिला गुरमीत सिंह को लड़कियां सप्लाई किया करती थी. उसके बाद गुरमीत की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसकी गुफा से जुड़ता हुआ लड़कियों का स्कूल खोला गया. बाद में हॉस्टल खोला गया. 11वीं और 12वीं क्लास की जिन लड़कियों पर गुरमीत की नजर पड़ जाती थी, प्रेम नामक महिला उन लड़कियों से जुड़ी हर जानकारी गुरमीत को बता देती थी.

फिर इन लड़कियों को माफी के नाम पर या सिमरन करने के नाम पर एक विशेष कमरे में ले जाया जाता था. जिस कमरे में माइक्रोफोन लगा होता था. गुफा में बैठा गुरमीत यह सारी बातें स्पीकर के जरिए सुनता रहता था. कमरे में सजावट इस तरह से की गई थी कि कमरा एक तरीके से स्वर्ग में बदल जाता था.कमरे में चारों तरफ मल्टीकलर की लाइटिंग होती थी. अंधेरा हो जाता था और जब सिमरन करने लग जाती और पिताजी-पिताजी कह कर पुकारने लगती. तब गुरमीत सिंह एक लिफ्ट के जरिए अचानक कमरे में प्रकट होता था और लड़की को बोलता कि गुरमीत तो अपने गुफा में है और वो खुद तो देव लोक से आया है. फिर वह उस लड़की को बहला फुसला कर उसके साथ दुष्कर्म करता था

गुरदास ने हनीप्रीत के बारे में बताया कि जब हनीप्रीत डेरे में आई तो उस वक्त उसका पूरा परिवार डेरे में ही रहता था. उसके दादाजी डेरे के खजांची थे. उसी दौर में गुरमीत सिंह की नजर हनीप्रीत पर पड़ी. फिर उसने 14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे के दिन विश्वास गुप्ता के साथ उसकी शादी करवा दी. गुफा के अंदर पूरे परिवार को बुलाया गया.

बाद में गुरमीत ने सबसे कहा कि उसे हनीप्रीत को कुछ समझाना है. सबको बाहर भेज दिया गया. हनीप्रीत को वहीं रोक लिया. गुरदास के मुताबिक उस समय वह गुफा के गेट पर खड़ा था. उसने अपने भाई को बताया कि आज बाबा हनीप्रीत के साथ गलत काम करेगा और वही हुआ. हनीप्रीत ने यह बात अपने दादा को बताई.

हनीप्रीत के दादा ने उस समय वहां पर काफी हो हल्ला किया. इस पर गुरमीत के लोगों ने न सिर्फ हनीप्रीत के दादा की पिटाई की बल्कि उनके सिर पर बंदूक लगाकर कहा कि चुप रहो वरना मार दिए जाओगे. इसके बाद हनीप्रीत के दादा ने यह बात हनीप्रीत को बताई. हनीप्रीत ने कहा कि वह डेरे में नहीं रहेगी. और फिर वह विश्वास गुप्ता को लेकर फतेहाबाद की तरफ रवाना हो गई.

गुरमीत को जैसे ही यह बात पता चली. उसने अपने खास गुंडे हनीप्रीत के पीछे लगा दिए. उन गुंडों ने फतेहाबाद से पहले एक ढाबे पर रोककर हनीप्रीत के सिर पर बंदूक रखकर उससे कहा कि तुम्हारे पूरे परिवार को मार दिया जाएगा. चुपचाप डेरे में वापस चलो और हनीप्रीत वहां वापस आ गई. लेकिन हनीप्रीत ने कुछ समय बाद अपने दादा को बताया कि वह इस डेरे को बर्बाद करके ही आखरी सांस लेगी

ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ “ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਪੁੱਤ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤ ਨਾ ਮਾਰੋ”

ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ “ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਪੁੱਤ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤ ਨਾ ਮਾਰੋ”

ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਯਾਦ ‘ਚ ਰੋ-ਰੋ ਕੇ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕਾ ਚੁੱਕੀ ਗੈਂਗਸਟਰ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਉਰਫ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਉਸ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਤਾਂ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਪਰ ਹੋਰ ਮਾਵਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤਰ ਜੋ ਜਾਣੇ-ਅਣਜਾਣੇ ਇਸ ਗੁਨਾਹ ਦੀ ਦਲਦਲ ਵਿਚ ਧਸ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਨੂੰ ਫੜ-ਫੜ ਕੇ ਮਾਰ ਮੁਕਾਉਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਜਾਂ ਮੁੱਖ ਧਾਰਾ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਮੌਕਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਨੇ ਰੋਂਦਿਆਂ ਇਕ ਸੁਨੇਹਾ ਇਸ ਰਸਤੇ ‘ਤੇ ਚੱਲ ਚੁੱਕੇ ਸਾਰੇ ਨੌਜਵਾਨ ਲੜਕਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਲਈ ਘਰ ਵਾਪਸ ਪਰਤ ਆਉਣ।

 

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਵਿੱਕੀ ਗੋਂਡਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਬਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਹੀ ਇਕੱਠੇ ਸਨ। ਜਦੋਂ ਅੱਠਵੀਂ ਬਾਅਦ ਸਪੋਰਟਸ ਦਾ ਸ਼ੌਂਕ ਰੱਖਣ ਕਾਰਨ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਤੋਂ ਜਲੰਧਰ ਪੜ੍ਹਨ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਥੇ ਹੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁਲਾਕਾਤ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਨਾਲ ਹੋਈ। ਇੰਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਬੰਧ ਉਦੋਂ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਏ ਸਨ। ਸਾਲ 2007 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਕੀ ਗੋਂਡਰ ਘਰ ਨਹੀਂ ਪਰਤਿਆ ਸੀ। ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਅਤੇ ਇਹ ਦੋਨੇ ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਰਹੇ, ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਪੜ੍ਹੇ, ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਜੁਰਮ ਦੀ ਦੁਨੀਆਂ ‘ਚ ਦਾਖਲ ਹੋਏ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਵੀ ਦੋਨੋਂ ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਮਾਰੇ ਗਏ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਗੌਂਡਰ 2 ਭੈਣਾਂ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੀ ਅਤੇ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਭਰਾ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਲਾਡਲਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ। ਸਧਾਰਨ ਕਿਸਾਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਇਸ ਨੌਜਵਾਨ ਤੋਂ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਆਸਾਂ ਸਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਮੁੱਢਲੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਕਰਵਾਉਣ ਉਪਰੰਤ ਅਗਲੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਲਈ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਸਪੋਰਟਸ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ, ਜਿੱਥੋਂ ਉਹ ਕਦੇ ਮੁੜ ਕੇ ਘਰ ਵਾਪਸ ਨਾ ਆ ਸਕਿਆ। ਘਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਵਿੱਕੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਵਿਚ ਤਾਂ ਹੁਸ਼ਿਆਰ ਸੀ ਹੀ, ਪਿੰਡ ਦੇ ਕੰਮ ਵੀ ਮੂਹਰੇ ਹੋ ਕੇ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਇਸ ਸਾਰੀ ਘਟਨਾ ਨਾਲ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ ਵੀ ਹੈਰਾਨ ਹਨ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਵਿੱਕੀ ਦੀ ਇਕ ਭੈਣ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਕਰੀਬ 6 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਾਦੀ ਹੋਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਦੋ ਬੱਚੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਲੜਕੀ ਜਿਸ ਦੀ ਉਮਰ ਕਰੀਬ 3 ਸਾਲ ਹੈ, ਉਹ ਆਪਣੀ ਨਾਨੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਕੋਲ ਹੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਉਸ ਨੂੰ ਸਵੇਰ ਤੋਂ ਹੀ ਬੁੱਕਲ ਵਿਚ ਬਿਠਾ ਕੇ ਰੋ ਰਹੀ ਸੀ। ਦੂਜੀ ਭੈਣ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਅਜੇ ਸ਼ਾਦੀ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣਾ ਭਰਾ ਦੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਕਿ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ 28 ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 10 ਵਜੇ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ “ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਪੁੱਤ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤ ਨਾ ਮਾਰੋ”

ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ “ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਪੁੱਤ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤ ਨਾ ਮਾਰੋ”

ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਯਾਦ ‘ਚ ਰੋ-ਰੋ ਕੇ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕਾ ਚੁੱਕੀ ਗੈਂਗਸਟਰ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਉਰਫ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਉਸ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਤਾਂ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਪਰ ਹੋਰ ਮਾਵਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤਰ ਜੋ ਜਾਣੇ-ਅਣਜਾਣੇ ਇਸ ਗੁਨਾਹ ਦੀ ਦਲਦਲ ਵਿਚ ਧਸ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਨੂੰ ਫੜ-ਫੜ ਕੇ ਮਾਰ ਮੁਕਾਉਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਜਾਂ ਮੁੱਖ ਧਾਰਾ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਮੌਕਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਨੇ ਰੋਂਦਿਆਂ ਇਕ ਸੁਨੇਹਾ ਇਸ ਰਸਤੇ ‘ਤੇ ਚੱਲ ਚੁੱਕੇ ਸਾਰੇ ਨੌਜਵਾਨ ਲੜਕਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਲਈ ਘਰ ਵਾਪਸ ਪਰਤ ਆਉਣ।

 

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਵਿੱਕੀ ਗੋਂਡਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਬਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਹੀ ਇਕੱਠੇ ਸਨ। ਜਦੋਂ ਅੱਠਵੀਂ ਬਾਅਦ ਸਪੋਰਟਸ ਦਾ ਸ਼ੌਂਕ ਰੱਖਣ ਕਾਰਨ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਤੋਂ ਜਲੰਧਰ ਪੜ੍ਹਨ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਥੇ ਹੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁਲਾਕਾਤ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਨਾਲ ਹੋਈ। ਇੰਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਬੰਧ ਉਦੋਂ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਏ ਸਨ। ਸਾਲ 2007 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਕੀ ਗੋਂਡਰ ਘਰ ਨਹੀਂ ਪਰਤਿਆ ਸੀ। ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਅਤੇ ਇਹ ਦੋਨੇ ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਰਹੇ, ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਪੜ੍ਹੇ, ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਜੁਰਮ ਦੀ ਦੁਨੀਆਂ ‘ਚ ਦਾਖਲ ਹੋਏ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਵੀ ਦੋਨੋਂ ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਮਾਰੇ ਗਏ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਗੌਂਡਰ 2 ਭੈਣਾਂ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੀ ਅਤੇ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਭਰਾ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਲਾਡਲਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ। ਸਧਾਰਨ ਕਿਸਾਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਇਸ ਨੌਜਵਾਨ ਤੋਂ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਆਸਾਂ ਸਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਮੁੱਢਲੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਕਰਵਾਉਣ ਉਪਰੰਤ ਅਗਲੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਲਈ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਸਪੋਰਟਸ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ, ਜਿੱਥੋਂ ਉਹ ਕਦੇ ਮੁੜ ਕੇ ਘਰ ਵਾਪਸ ਨਾ ਆ ਸਕਿਆ। ਘਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਵਿੱਕੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਵਿਚ ਤਾਂ ਹੁਸ਼ਿਆਰ ਸੀ ਹੀ, ਪਿੰਡ ਦੇ ਕੰਮ ਵੀ ਮੂਹਰੇ ਹੋ ਕੇ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਇਸ ਸਾਰੀ ਘਟਨਾ ਨਾਲ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ ਵੀ ਹੈਰਾਨ ਹਨ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਵਿੱਕੀ ਦੀ ਇਕ ਭੈਣ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਕਰੀਬ 6 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਾਦੀ ਹੋਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਦੋ ਬੱਚੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਲੜਕੀ ਜਿਸ ਦੀ ਉਮਰ ਕਰੀਬ 3 ਸਾਲ ਹੈ, ਉਹ ਆਪਣੀ ਨਾਨੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਕੋਲ ਹੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਉਸ ਨੂੰ ਸਵੇਰ ਤੋਂ ਹੀ ਬੁੱਕਲ ਵਿਚ ਬਿਠਾ ਕੇ ਰੋ ਰਹੀ ਸੀ। ਦੂਜੀ ਭੈਣ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਅਜੇ ਸ਼ਾਦੀ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣਾ ਭਰਾ ਦੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਕਿ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ 28 ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 10 ਵਜੇ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ “ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਪੁੱਤ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤ ਨਾ ਮਾਰੋ”

ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ “ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਪੁੱਤ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤ ਨਾ ਮਾਰੋ”

ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਯਾਦ ‘ਚ ਰੋ-ਰੋ ਕੇ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕਾ ਚੁੱਕੀ ਗੈਂਗਸਟਰ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਉਰਫ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਮਾਂ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਉਸ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਤਾਂ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਪਰ ਹੋਰ ਮਾਵਾਂ ਦੇ ਪੁੱਤਰ ਜੋ ਜਾਣੇ-ਅਣਜਾਣੇ ਇਸ ਗੁਨਾਹ ਦੀ ਦਲਦਲ ਵਿਚ ਧਸ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਨੂੰ ਫੜ-ਫੜ ਕੇ ਮਾਰ ਮੁਕਾਉਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਜਾਂ ਮੁੱਖ ਧਾਰਾ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਮੌਕਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਨੇ ਰੋਂਦਿਆਂ ਇਕ ਸੁਨੇਹਾ ਇਸ ਰਸਤੇ ‘ਤੇ ਚੱਲ ਚੁੱਕੇ ਸਾਰੇ ਨੌਜਵਾਨ ਲੜਕਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਲਈ ਘਰ ਵਾਪਸ ਪਰਤ ਆਉਣ।

 

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਵਿੱਕੀ ਗੋਂਡਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਬਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਹੀ ਇਕੱਠੇ ਸਨ। ਜਦੋਂ ਅੱਠਵੀਂ ਬਾਅਦ ਸਪੋਰਟਸ ਦਾ ਸ਼ੌਂਕ ਰੱਖਣ ਕਾਰਨ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਤੋਂ ਜਲੰਧਰ ਪੜ੍ਹਨ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਥੇ ਹੀ ਇਸ ਦੀ ਮੁਲਾਕਾਤ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਨਾਲ ਹੋਈ। ਇੰਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਬੰਧ ਉਦੋਂ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਏ ਸਨ। ਸਾਲ 2007 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਕੀ ਗੋਂਡਰ ਘਰ ਨਹੀਂ ਪਰਤਿਆ ਸੀ। ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੋਰੀਆ ਅਤੇ ਇਹ ਦੋਨੇ ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਰਹੇ, ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਪੜ੍ਹੇ, ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਜੁਰਮ ਦੀ ਦੁਨੀਆਂ ‘ਚ ਦਾਖਲ ਹੋਏ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਵੀ ਦੋਨੋਂ ਇਕੱਠੇ ਹੀ ਮਾਰੇ ਗਏ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਗੌਂਡਰ 2 ਭੈਣਾਂ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਰਾਣੀ ਅਤੇ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਭਰਾ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਲਾਡਲਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ। ਸਧਾਰਨ ਕਿਸਾਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਇਸ ਨੌਜਵਾਨ ਤੋਂ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਆਸਾਂ ਸਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਮੁੱਢਲੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਕਰਵਾਉਣ ਉਪਰੰਤ ਅਗਲੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਲਈ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਸਪੋਰਟਸ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ, ਜਿੱਥੋਂ ਉਹ ਕਦੇ ਮੁੜ ਕੇ ਘਰ ਵਾਪਸ ਨਾ ਆ ਸਕਿਆ। ਘਰ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਵਿੱਕੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਵਿਚ ਤਾਂ ਹੁਸ਼ਿਆਰ ਸੀ ਹੀ, ਪਿੰਡ ਦੇ ਕੰਮ ਵੀ ਮੂਹਰੇ ਹੋ ਕੇ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਇਸ ਸਾਰੀ ਘਟਨਾ ਨਾਲ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ ਵੀ ਹੈਰਾਨ ਹਨ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

ਵਿੱਕੀ ਦੀ ਇਕ ਭੈਣ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਕਰੀਬ 6 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਾਦੀ ਹੋਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਦੋ ਬੱਚੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਲੜਕੀ ਜਿਸ ਦੀ ਉਮਰ ਕਰੀਬ 3 ਸਾਲ ਹੈ, ਉਹ ਆਪਣੀ ਨਾਨੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਕੋਲ ਹੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਉਸ ਨੂੰ ਸਵੇਰ ਤੋਂ ਹੀ ਬੁੱਕਲ ਵਿਚ ਬਿਠਾ ਕੇ ਰੋ ਰਹੀ ਸੀ। ਦੂਜੀ ਭੈਣ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਅਜੇ ਸ਼ਾਦੀ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਵਿਆਹ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣਾ ਭਰਾ ਦੇ ਭਾਗਾਂ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਕਿ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ 28 ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 10 ਵਜੇ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

vicky gounder mother urged police stop killing arrest them

Shweta Tiwari ਦੀ ਲੜਕੀ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿਸੇ model ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੇਖੋ ਤਸਵੀਰਾਂ…

Shweta Tiwari ਦੀ ਲੜਕੀ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿਸੇ model ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੇਖੋ ਤਸਵੀਰਾਂ…

श्वेता तिवारी की बेटी हो गयी है अब बड़ी, देखिये पलक की हॉट तस्वीरें जो आपने पहले नहीं देखी होंगी!
श्वेता तिवारी की बेटी हो गयी है अब बड़ी, देखिये पलक की हॉट तस्वीरें जो आपने पहले नहीं देखी होंगी!
श्वेता तिवारी की

अभिनेता राजा चौधरी से की थी। श्वेता की यह शादी हिंसा से भारी हुई थी और मारपीट के बाद श्वेता ने राजा से तलाक ले लिया था। दोनों की एक बेटी भी है पलक, जो श्वेता के साथ बुरे वक्त में भी थी।

पलक ने ही दी थी सलाह दूसरी शादी करने की:

श्वेता ने राजा के साथ रिश्ता ख़त्म करके अभिनव कोहली के साथ नए रिश्ते की शुरुआत की थी। अलग होने के बाद 13 साल की उम्र में ही पलक ने श्वेता को अभिनव से शादी करने की सलाह दी थी। इस समय पलक

16 साल की हो चुकी हैं। जिस तरह से उनकी माँ श्वेता अपनी हॉटनेस की वजह से जानी जाती हैं, वैसे ही आने वाले समय में उनकी बेटी पलक भी जानी जाएगी। आइये आज हम आपको पलक की कुछ हॉट और अनदेखी तस्वीरें दिखाते हैं।

पलक की ये हॉट तस्वीरें देखने के बाद हो जायेंगे आप दीवाने:

इस फोटो को देखने के बाद ऐसा लगता है कि श्वेता तिवारी के बचपन की फोटो है। पलक बिलकुल अपनी माँ की तरह ही दिखती हैं।
*- इस फोटो में माँ और बेटी दोनों साथ-साथ पारम्परिक परिधान में हैं, जिसे देखकर आपको पक्का यकीन हो जायेगा कि वह आने वाले समय में अपनी माँ के नक्शेकदम पर ही चलने वाली हैं।

इस फोटो में पलट की हॉटनेस साफ़-साफ़ झलकती है और यह भी कहा जा सकता है कि वह बॉलीवुड के लिए खुद को तैयार कर रही हैं।

पलक की यह फोटो देखने के बाद कह सकते हैं कि यह किसी भी बड़े स्टारकिड से ज्यादा खुबसूरत हैं और सबको टक्कर देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

पलक इस फोटो में गजब की सुन्दर दिख रही हैं, उम्मीद है कि जल्दी ही यह भी पर्दे पर दिखेंगी

ਧਾਹਾਂ ਮਾਰਦੀਆਂ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਬੰਨ੍ਹਿਆ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਸਿਰ ‘ਤੇ ਸੇਹਰਾ(ਦੇਖੋ ਤਾਜਾ ਵੀਡੀਓ )

ਧਾਹਾਂ ਮਾਰਦੀਆਂ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਬੰਨ੍ਹਿਆ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਸਿਰ ‘ਤੇ ਸੇਹਰਾ(ਦੇਖੋ ਤਾਜਾ ਵੀਡੀਓ )


ਧਾਹਾਂ ਮਾਰਦੀਆਂ ਭੈਣਾਂ ਨੇ ਬੰਨ੍ਹਿਆ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਸਿਰ ‘ਤੇ ਸੇਹਰਾ ਵੀਡੀਓ ਥੱਲੇ ਜਾ ਕੇ ਦੇਖੋ

 

ਵੀਡੀਓ ਥੱਲੇ ਜਾ ਕੇ ਦੇਖੋ
ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ: ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਉਸਦੀ ਲਾਸ਼ ਲੈਣ ਗੰਗਾਨਗਰ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚ ਗਏ ਹਨ ਤੇ ਉਸਦੀ ਲਾਸ਼ ਦਾ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।ਉਸ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਵਿਖੇ ਹੋਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ ਉਸ ਦੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇਹ ਦਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ, ਪਰ ਅਜੇ ਸੰਸਕਾਰ ਦੇ ਟਾਈਮ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ।

ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਨੂੰ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸਾਰੇ ਰਸਤਿਆਂ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਤਾਇਨਾਤ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪੁਲੀਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ਹੀ

 

ਅਜਿਹਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਨਾ ਆਵੇ।

ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਗੈਂਗਸਟਰ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਅੱਜ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ‘ਚ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਸੀ।ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਸ ਦਾ ਸਾਥੀ ਗੈਂਗਸਟਰ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਹੌਰੀਆ ਵੀ ਮਾਰਿਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਪੰਜਾਬ-ਰਾਜਸਥਾਨ ਬਾਰਡਰ ‘ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਹੋਈ ਹੈ।

ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਤੇ ਸਾਥੀਆਂ ਦੇ ਮਾਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੁੱਬਣ ਗਰੁੱਪ ਦੇ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਬਦਲਾ ਲੈਣ ਦੀ ਧਮਕੀ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਚੌਕਸੀ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਸਾਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਸੜਕਾਂ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਨਾਕੇਬੰਦੀ ਕਰਕੇ ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਪੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਨੌਜਵਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।

ਵਿੱਕੀ ਤੇਰੀ ਮੌਤ ਦਾ ਬਦਲਾ ਜ਼ਰੂਰ ਲਵਾਂਗੇ, ਪੁਲਸ ਨੇ ਆਪਣਾ ਕਰਤਾ, ਹੁਣ ਸਾਡੀ ਵਾਰੀ

ਜਲੰਧਰ : ਖੌਫ ਦਾ ਦੂਜਾ ਨਾਂ ਬਣ ਚੁੱਕੇ ਖਤਰਨਾਕ ਗੈਂਗਸਟਰ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੌਰੀਆ ਦਾ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਸ਼ਾਮ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਸ ਨੇ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ਵਿਚ ਗੌਂਡਰ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਸਾਥੀ ਸੁਖਪ੍ਰੀਤ ਉਰਫ ਬੁੱਧਾ ਵੀ ਮਾਰਿਆ ਗਿਆ। ਸਾਥੀਆਂ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸ਼ੇਰਾ ਖੁੱਬਣ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਪੁਲਸ ਨੂੰ ਵੰਗਾਰਦੇ ਹੋਏ ਸਖਤ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਹੈ।

ਸ਼ੇਰਾ ਖੁੱਬਣ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਫੇਸਬੁਕ ‘ਤੇ ਇਕ ਪੋਸਟ ਅਪਲੋਡ ਕਰਕੇ ਲਿਖਿਆ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਸ ਨੇ ਇਹ ਚੰਗਾ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ। ਵਿੱਕੀ ਤੇਰੀ ਮੌਤ ਦਾ ਬਦਲਾ ਜ਼ਰੂਰ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਪੁਲਸ ਨੇ ਸਾਡੇ ਦੋ ਮਾਰੇ ਅਸੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਚਾਰ ਮਾਰਾਂਗੇ। ਨਾਲ ਹੀ ਇਹ ਵੀ ਲਿਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਧਮਕੀ ਨਾ ਸਮਝਿਆ ਜਾਵੇ।

ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਇਹ ਆਪ ਖਰਾਬ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਬਾਕੀ ਇਹ ਗਲਤੀ ਤੁਸੀਂ ਜਿਹੜੀ ਕੀਤੀ ਆ ਇਹ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਤੁਸੀਂ ਆਪਣਾ ਕੰਮ ਕਰ ਲਿਆ ਹੁਣ ਸਾਡੀ ਵਾਰੀ ਆ। ਦੱਸਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਸ਼ਾਮ ਹਿੰਦੂਮਲਕੋਟ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਪੈਂਦੀ ਢਾਣੀ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ‘ਚ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਰਾਜਸਥਾਨ ਪੁਲਸ ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਗੌਂਡਰ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਮਾਰ ਮੁਕਾਇਆ।

ਲਗਭਗ 15 ਮਿੰਟ ਚੱਲੇ ਇਸ ਆਪਰੇਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਦੋਵਾਂ ਪਾਸਿਓਂ 50-55 ਫਾਇਰ ਹੋਏ। ਅੰਤ ਵਿਚ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ, ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੌਰੀਆ ਅਤੇ ਬੁੱਧ ਸਿੰਘ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ‘ਚ ਮਾਰੇ ਗਏ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਸ ਦੇ ਦੋ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਵੀ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਏ।

ਵੀਡੀਓ  ਦੇਖੋ …..

 

ਤਾਜਾ ਖਬਰ – ਆਹ ਦੇਖੋ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅੱਜ ਕੀ ਕੀ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਇਨਕਾਉਂਟਰ ਤੋਂ ਬਾਦ

 

ਤਾਜਾ ਖਬਰ – ਆਹ ਦੇਖੋ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅੱਜ ਕੀ ਕੀ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਇਨਕਾਉਂਟਰ ਤੋਂ ਬਾਦ

 

ਪੁਲਸ ਐਨਕਾਊੁਂਟਰ ਗੈਂਗਸਟਰ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ, ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੌਰੀਆ ਅਤੇ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਲੱਖਾ ਦੇ ਮਾਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿਚ ਹਾਈ ਅਲਰਟ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ

ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿਚ ਪੈਂਦੀਆਂ ਦੋ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਜੇਲਾਂ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ਅਤੇ ਮੈਕਸੀਮਮ ਸਕਿਓਰਟੀ ਜੇਲ ਨਾਭਾ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿਚ ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ਿਲਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਮੰਨਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਨਵੰਬਰ 2016 ਨੂੰ ਨਾਭਾ ਜੇਲ ਬ੍ਰੇਕ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ ਤੱਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿਚ 28 ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਜਾਂ ਤਾਂ ਗੈਂਗਸਟਰ ਹਨ ਜਾਂ ਉੁਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਾਥੀ ਰਹਿ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਨਾਭਾ ਅਤੇ ਰਾਜਪੁਰਾ ਵਿਖੇ ਕੇਸ ਦਰਜ ਹਨ। ਨਾਭਾ ਜੇਲ ਬ੍ਰੇਕ ਦਾ ਕੇਸ ਹੁਣ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਪੇਸ਼ੀਆਂ ਪਟਿਆਲਾ, ਨਾਭਾ ਅਤੇ ਰਾਜਪੁਰਾ ਦੀਆਂ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵਿਚ ਪੈ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।

ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ਅਤੇ ਨਾਭਾ ਦੀ ਮੈਕਸੀਮਮ ਸਕਿਓਰਟੀ ਜੇਲ ਵਿਚ ਗੈਂਗਸਟਰ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿਚ ਬੰਦ ਹਨ। ਇਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਬਾਕੀ ਜ਼ਿਲਿਆਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਪਟਿਆਲਾ ਕਾਫੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ। ਇੰਨਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਜਿਹੜੀ ਆਰਗੇਨਾਈਜ਼ਡ ਕ੍ਰਾਈਮ ਕੰਟਰੋਲ ਯੂਨਿਟ ਵੱਲੋਂ ਇਹ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਚਲਾਇਆ ਗਿਆ, ਉੁਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਕਈ ਪੁਲਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸ਼ੇਰਾ ਖੁਬਣ ਗਰੁੱਪ ਵੱਲੋਂ ਜਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬਦਲਾ ਲੈਣ ਦੀ ਧਮਕੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਉਸ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਇਸ ਸਮੇਂ ਪਟਿਆਲਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਕਿਹਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ।

ਆਈ. ਜੀ. ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ੋਨ ਏ. ਐੱਸ. ਰਾਏ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਦੇ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ਵਿਚ ਮਾਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਤੇ ਪਟਿਆਲਾ ਜ਼ੋਨ ਦੇ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਜ਼ਿਲਿਆਂ ਦੀ ਪੁਲਸ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਲਰਟ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਉੁਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਾਲਾਂਕਿ ਅਜਿਹੀ ਕੋਈ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਪੁਲਸ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਲਰਟ ਹੈ। ਆਈ. ਜੀ. ਰਾਏ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸਾਰੇ ਐੱਸ. ਐੱਸ. ਪੀ. ਨੇ ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ ਵਿੰਗਾਂ ਨੂੰ ਸੁਚੇਤ ਰਹਿਣ ਦੇ ਹੁਕਮ ਜਾਰੀ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਸਮੁੱਚੀਆਂ ਡਵੀਜ਼ਨਾਂ ਤੇ ਥਾਣਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ-ਆਪਣੇ ਏਰੀਏ ਵਿਚ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉੁਨ੍ਹਾਂ ਸਾਫ ਕੀਤਾ ਕਿ ਪੁਲਸ ਕਿਸੇ ਵੀ ਗੈਰ-ਸਮਾਜਿਕ ਅਨਸਰ ਨੂੰ ਕੋਈ ਵੀ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਕੰਮ ਨਹੀਂ ਕਰਨ ਦੇਵੇਗੀ।

ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ‘ਚ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਫਲੈਗ ਮਾਰਚ
ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਚ ਅੱਜ ਸਵੇਰੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਅਤੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਇਕ ਫਲੈਗ ਮਾਰਚ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ ਕਿਉਂਕਿ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗੈਂਗਸਟਰ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਚ ਬੰਦ ਹਨ। ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਚ ਇਸ ਸਮੇਂ 38 ਦੇ ਲਗਭਗ ਗੈਂਗਸਟਰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬੰਦ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ 17 ਨਾਭਾ ਜੇਲ ਬ੍ਰੇਕ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹਨ।

ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਚ ਨਾਭਾ ਜੇਲ ਬ੍ਰੇਕ ਦਾ ਮਾਸਟਰ ਮਾਈਂਡ ਪਲਵਿੰਦਰ ਪਿੰਦਾ, ਨਾਭਾ ਜੇਲ ਬ੍ਰੇਕ ਦੌਰਾਨ ਭੱਜਿਆ ਮਨੀ ਸੇਖੋਂ, ਸੁਲਤਾਨ, ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਮਾਂਗੇਵਾਲੀਆ, ਜਗਤਵੀਰ ਆਦਿ ਸਾਰੇ ਪਟਿਆਲਾ ਦੀ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਵਿਚ ਹੀ ਬੰਦ ਹਨ। ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਰਾਜਨ ਕਪੂਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜੇਲ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਹੋਰ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਪਟਿਆਲਾ ਜੇਲ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਕੋਈ ਹਰਕਤ ਕਰਨ ਦੀ ਆਗਿਆ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉੁਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਟਿਆਲਾ ਜੇਲ ਵਿਚ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਪੁਖਤਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਹਨ।
ਸਿਰਫ ਕਸ਼ਮੀਰਾ ਸਿੰਘ ਹੀ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤ ਤੋਂ ਬਾਹਰ
27 ਨਵੰਬਰ 2016 ਨੂੰ ਨਾਭਾ ਜੇਲ ਬ੍ਰੇਕ ਦੌਰਾਨ ਕੁੱਲ 6 ਅਪਰਾਧੀ ਫਰਾਰ ਹੋਏ ਸਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ 4 ਗੈਂਗਸਟਰ ਤੇ ਦੋ ਅੱਤਵਾਦੀ ਸਨ। ਹੁਣ ਤੱਕ ਪੁਲਸ ਵੱਲੋਂ 4 ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਤੇ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਪੁਲਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਵਿਚ ਮਾਰਿਆ ਗਿਆ। ਸਿਰਫ ਇਕੋ ਅੱਤਵਾਦੀ ਕਸ਼ਮੀਰਾ ਸਿੰਘ ਹੀ ਪੁਲਸ ਦੀ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਹੈ।

ਜਦੋਂ ਵਿਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਪਹੁੰਚੀ ਘਰੇ ਤਾਂ ਜੋ ਹੋਇਆ ਦੇਖੋ ਮੌਕੇ ਦੀ ਲਾਈਵ ਵੀਡੀਓ

ਜਦੋਂ ਵਿਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਪਹੁੰਚੀ ਘਰੇ ਤਾਂ ਜੋ ਹੋਇਆ ਦੇਖੋ ਮੌਕੇ ਦੀ ਲਾਈਵ ਵੀਡੀਓ

ਦੇਰ ਰਾਤ ਵਿਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਉਸਦੇ ਜਦੀ ਪਿੰਡ ਪਹੁੰਚੀ ਦੀ ਲਾਈਵ ਵੀਡੀਓ ਥੱਲੇ ਜਾ ਕੇ ਦੇਖੋ

 

ਦੇਰ ਰਾਤ ਵਿਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਉਸਦੇ ਜਦੀ ਪਿੰਡ ਪਹੁੰਚੀ ਦੀ ਲਾਈਵ ਵੀਡੀਓ ਥੱਲੇ ਜਾ ਕੇ ਦੇਖੋ

 

ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ: ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਉਸਦੀ ਲਾਸ਼ ਲੈਣ ਗੰਗਾਨਗਰ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚ ਗਏ ਹਨ ਤੇ ਉਸਦੀ ਲਾਸ਼ ਦਾ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।ਉਸ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਵਿਖੇ ਹੋਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ ਉਸ ਦੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇਹ ਦਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ, ਪਰ ਅਜੇ ਸੰਸਕਾਰ ਦੇ ਟਾਈਮ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਕੋਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੈ।

ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ ਨੂੰ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸਾਰੇ ਰਸਤਿਆਂ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਤਾਇਨਾਤ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪੁਲੀਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ਹੀ

ਅਜਿਹਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਨਾ ਆਵੇ।

ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਗੈਂਗਸਟਰ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਅੱਜ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ‘ਚ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਸੀ।ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਸ ਦਾ ਸਾਥੀ ਗੈਂਗਸਟਰ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਹੌਰੀਆ ਵੀ ਮਾਰਿਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਪੰਜਾਬ-ਰਾਜਸਥਾਨ ਬਾਰਡਰ ‘ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੌਰਾਨ ਹੋਈ ਹੈ।

ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਤੇ ਸਾਥੀਆਂ ਦੇ ਮਾਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੁੱਬਣ ਗਰੁੱਪ ਦੇ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਬਦਲਾ ਲੈਣ ਦੀ ਧਮਕੀ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਚੌਕਸੀ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਸਾਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਸੜਕਾਂ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਨਾਕੇਬੰਦੀ ਕਰਕੇ ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਪੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਨੌਜਵਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।

ਵਿੱਕੀ ਤੇਰੀ ਮੌਤ ਦਾ ਬਦਲਾ ਜ਼ਰੂਰ ਲਵਾਂਗੇ, ਪੁਲਸ ਨੇ ਆਪਣਾ ਕਰਤਾ, ਹੁਣ ਸਾਡੀ ਵਾਰੀ

ਜਲੰਧਰ : ਖੌਫ ਦਾ ਦੂਜਾ ਨਾਂ ਬਣ ਚੁੱਕੇ ਖਤਰਨਾਕ ਗੈਂਗਸਟਰ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੌਰੀਆ ਦਾ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਸ਼ਾਮ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਸ ਨੇ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ਵਿਚ ਗੌਂਡਰ ਦਾ ਇਕ ਹੋਰ ਸਾਥੀ ਸੁਖਪ੍ਰੀਤ ਉਰਫ ਬੁੱਧਾ ਵੀ ਮਾਰਿਆ ਗਿਆ। ਸਾਥੀਆਂ ਦੀ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸ਼ੇਰਾ ਖੁੱਬਣ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਪੁਲਸ ਨੂੰ ਵੰਗਾਰਦੇ ਹੋਏ ਸਖਤ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਹੈ।

ਸ਼ੇਰਾ ਖੁੱਬਣ ਗਰੁੱਪ ਨੇ ਫੇਸਬੁਕ ‘ਤੇ ਇਕ ਪੋਸਟ ਅਪਲੋਡ ਕਰਕੇ ਲਿਖਿਆ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਸ ਨੇ ਇਹ ਚੰਗਾ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ। ਵਿੱਕੀ ਤੇਰੀ ਮੌਤ ਦਾ ਬਦਲਾ ਜ਼ਰੂਰ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਪੁਲਸ ਨੇ ਸਾਡੇ ਦੋ ਮਾਰੇ ਅਸੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਚਾਰ ਮਾਰਾਂਗੇ। ਨਾਲ ਹੀ ਇਹ ਵੀ ਲਿਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਧਮਕੀ ਨਾ ਸਮਝਿਆ ਜਾਵੇ।

ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਇਹ ਆਪ ਖਰਾਬ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਬਾਕੀ ਇਹ ਗਲਤੀ ਤੁਸੀਂ ਜਿਹੜੀ ਕੀਤੀ ਆ ਇਹ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਤੁਸੀਂ ਆਪਣਾ ਕੰਮ ਕਰ ਲਿਆ ਹੁਣ ਸਾਡੀ ਵਾਰੀ ਆ। ਦੱਸਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਸ਼ਾਮ ਹਿੰਦੂਮਲਕੋਟ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਪੈਂਦੀ ਢਾਣੀ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ‘ਚ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਰਾਜਸਥਾਨ ਪੁਲਸ ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਗੌਂਡਰ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਮਾਰ ਮੁਕਾਇਆ।

ਲਗਭਗ 15 ਮਿੰਟ ਚੱਲੇ ਇਸ ਆਪਰੇਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਦੋਵਾਂ ਪਾਸਿਓਂ 50-55 ਫਾਇਰ ਹੋਏ। ਅੰਤ ਵਿਚ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ, ਪ੍ਰੇਮਾ ਲਾਹੌਰੀਆ ਅਤੇ ਬੁੱਧ ਸਿੰਘ ਐਨਕਾਊਂਟਰ ‘ਚ ਮਾਰੇ ਗਏ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਸ ਦੇ ਦੋ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਵੀ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਏ।

 

ਦੇਰ ਰਾਤ ਵਿਕੀ ਗੌਂਡਰ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਉਸਦੇ ਜਦੀ ਪਿੰਡ ਪਹੁੰਚੀ ਦੀ ਲਾਈਵ ਵੀਡੀਓ  ਦੇਖੋ …..